उद्देश्‍य सामान्‍यतया किसी मामले पर सरकार की राय या विचार जानना होता है।

(6) संकल्‍प- संकल्‍प भी एक प्रक्रियागत उपाय है यह आम लोगों के हित के किसी मामले पर सदन में चर्चा उठाने के लिए सदस्‍यों और मंत्रियों को उपलब्‍ध है। सामान्‍य रूप के प्रस्‍तावों के समान संकल्‍प राय या सिफारिश की घोषणा के रूप में हो सकता है। या किसी ऐसे अन्‍य रूप में हो सकता है जैसा कि अध्‍यक्ष उचित समझे।

(7) अविश्‍वास प्रस्‍ताव-मंत्रिपरिषद तब तक पदासीन रहती है जब तक उसे लोक सभा का विश्‍वास प्राप्‍त हो। लोक सभा द्वारा मंत्रिपरिषद में अविश्‍वास व्‍यक्‍त करते ही सरकार को संवैधानिक रूप से पद छोड़ना होता है। नियमों में इस आशय का एक प्रस्‍ताव पेश करने का उपबंध है जिसे अविश्‍वास प्रस्‍ताव कहा जाता है। राज्‍य सभा को अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर विचार करने की शक्‍ति प्राप्‍त नहीं है।

(8) निंदा प्रस्‍ताव-निंदा प्रस्‍ताव अविश्‍वास के प्रस्‍ताव से भिन्‍न होता है। अविश्‍वास के प्रस्‍ताव में उन कारणों का उल्‍लेख नहीं होता जिन पर वह आधारित हो। परंतु निंदा प्रस्‍ताव में ऐसे कारणों या आरोपों का उल्‍लेख करना आवश्‍यक होता है। यह प्रस्‍ताव कतिपय नीतियों और कार्यों के लिए सरकार की निंदा करने के इरादे से पेश किया जाता है। निंदा प्रस्‍ताव मंत्रिपरिषद के विरूद्ध या किसी एक मंत्री के विरूद्ध या कुछ मंत्रियों के विरूद्ध पेश किया जाता है। उसमें किसी मंत्री या मंत्रियों की विफलता पर सदन द्वारा खेद, रोष या आश्‍चर्य प्रकट किया जाता है।

 

7.संसद में बजट

सरकार को शासन, सुरक्षा और जन कल्‍याण के बहुत से काम करने होते हैं। इन सबके लिए बहुत साधन चाहिए। ये आएं कहां से? सरकार